आसाराम को उम्रकैद व अन्य दोषियों को 20-20 साल की सजा,पीड़िता के पिता ने कहा-कोर्ट के फैसले से खुश हूं

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जोधपुर सेंट्रल जेल में बनी विशेष अदालत ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में आसाराम को दोषी करार दिया। आसाराम को नाबालिग से रेप का ताउम्र कैद की सजा सुनाई है। आसाराम के अलावा अदालत ने शिल्‍पी और शरदचंद्र को दोषी करार दिया, जबकि शिवा और प्रकाश को बरी कर दिया। जोधपुर सेंट्रल जेल के अंदर बनी विशेष कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने अपना अहम फैसला सुनाया। जोधपुर सेन्ट्रल जेल में आसाराम बीते चार साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं। दोष निर्धारण के बाद अदालत में लंबे समय पर दोनों पक्षों के बीच सजा पर बहस चली, जिसमेें आसाराम के वकील ने जज से कम से कम सजा दिए जाने की मांग की।आसाराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम (पोस्को) के तहत दोषी ठहराया गया। वह यौन उत्पीड़न के दो मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। एक मुकदमा यहां राजस्थान में चल रहा है, जबकि दूसरा गुजरात में चल रहा है।

पुलिस ने आसाराम रेप में उनके सेवादारों के ख़िलाफ़ नवंबर 2013 में चार्जशीट दाख़िल की थी। इस केस में कुल 58 गवाहों ने गवाही दी। आसाराम के ख़िलाफ़ जिन धाराओं में केस दर्ज किया गया उसमें उम्रक़ैद तक की सज़ा हो सकती है। प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए जोधपुर को किले में तब्दील कर दिया है। पूरे शहर में धारा 144 लागू है। पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान फ़्लैग मार्च कर रहे हैं। हर आने-जाने वालों की तलाशी ली जा रही है। आसाराम के जोधपुर आश्रम को भी ख़ाली करा लिया गया है।

नाबालिग से रेप केस मामले में जोधपुर कोर्ट द्वारा आसाराम को दोषी करार देने के बाद पीड़िता के पिता ने कहा कि अब  हमें न्याय मिला है। साथ ही उन लोगों को भी न्याय मिला है जिनका कत्ल कर दिया गया था या अपहरण किया गया था। मुझे पूरा भरोसा है कि अब आसाराम को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस लड़ाई में मेरी मदद की और साथ खड़े रहे। फैसला आने से पहले देशभर में आसाराम के लिए अनुयायी पूजा पाठ में जुटे रहे। आसाराम के विभिन्न आश्रमों में अनुयायी इकठ्ठा होकर उसकी रिहाई के लिए पूजा कर रहे थे, लेकिन उनकी यह पूजा पाठ भी आसाराम के काम नहीं आयी।

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